आंकड़े बता रहे बिहार में अपराध लगातार कम हो रहे, उसके उलट भाजपा शासित राज्यों में काफी ज्यादा अपराध

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बिहार में अपराध में जबरदस्त कमी आई है। आंकड़ों का गहन अध्ययन करने के बाद पता चलता है कि एक ओर जहां 2005 के बाद अपराध की हर घटना बेहतर तरीके से दर्ज होनी शुरू हुई, वहीं दूसरी ओर अपराध की वास्तविक संख्या में निरंतर गिरावट दिखाई दी।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार ने हत्या, अपहरण, फ़िरौती के लिए अपहरण, अवैध कब्ज़ा व सेंधमारी, महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध आदि अपराधों को ख़त्म करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। उदाहरण के लिए, जनसंख्या वृद्धि को नज़रअंदाज़ भी कर दें, तब भी फ़िरौती के लिए अपहरण में भारी गिरावट आई है। एक वक्त वह भी था जब अपहरण का जिक्र सुनते ही लोगों के दिलों में डर बैठ जाया करता था। 2005 में जहाँ इसका आंकड़ा 251 था, वहीं 2015 में यह घट कर 62 से भी कम हो गया है। बिहार पुलिस अब ऐसे आपराधिक घटनाओं पर बड़ी तेजी के साथ हरकत में आती है। त्वरित कार्रवाई करके अपराधियों को गिरफ़्तार करती है। अपहृत व्यक्ति को बचाती है।

2006 से अब तक 93,000 से भी ज़्यादा अपराधी पकड़े जा चुके हैं। इन पर मुक़दमा चला और अब वे जेल में हैं। अपराध के दूसरे आंकड़ों में भी ऐसा ही सुधार दिखता है। जैसा कि पहले जिक्र आया है, पिछले पाँच सालों में ‘फ़िरौती के लिए अपहरण’ करने की घटनाओं में 83% की कमी आई है। इन्हीं पांच सालों में बैंक लूट में 86% और बैंक डकैती में 77% की गिरावट देखी गई है। इसके अलावा बेहतर पुलिसिंग और विकास कार्यक्रमों के जरिए राज्य में उग्रवादी हिंसक घटनाओं में भी भारी गिरावट आई है।

 

 

वहीं दूसरी ओर आइए देखते हैं कि भाजपा शासित आठ राज्यों के आंकड़े इस बारे में क्या कहते हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की2014 की रिपोर्ट में साफ़ दिखता है कि जब बात आपराधिक घटनाओं और अपराध दर की तुलना की हो तो बिहार, भाजपा शासित राज्यों से बहुत बेहतर है।ध्यान रहे, हर एक लाख की आबादी पर अपराध की कुल घटना, अपराध दर कहलाती है।  यानि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत कुल संज्ञेयअपराध, भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के अंतर्गत शरीर सम्बंधी कुल अपराध, भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत संपत्ति सम्बंधी कुल अपराध, महिलाओं के ख़िलाफ़ कुल अपराध, बच्चों के ख़िलाफ़ कुल अपराध, अपहरण और अगवा, हत्या और भारतीय दंड संहिता के तहत आर्थिक अपराध आदि सभी तरह के अपराध में बिहार की स्थिति भाजपा शासित राज्यों से अच्छी हुई है। कुल मिलाकर इन सभी मामलों में बिहार में अपराध दर कम हुए हैं। यही नहीं, पर्यावरण से जुड़े अपराध की घटनाएं भी बिहार में सबसे कम है।

नीचे दिए गए तुलनात्मक आंकड़े बताते हैं कि भाजपा शासित आठ राज्यों से हर मामले में बिहार बेहतर है।

बिहार की तुलना में भाजपा शासित राज्यों में अपराध

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो  की रिपोर्ट
बिहार भाजपा शासित राज्य
भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के अंतर्गत कुल संज्ञेय अपराधों की दर बिहार : 174.2 मध्य प्रदेश: 358.5हरियाणा : 298.2राजस्थान : 295.1

छतीसगढ़ : 229.7

गोवा : 231.3

गुजरात : 213.3

महाराष्ट्र : 212.3

भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत शरीर सम्बंधी कुल अपराध की दर(हत्या + हत्या की कोशिश, गैर इरादतन हत्या + गैर इरादतन हत्या की कोशिश, अपहरण और अगवा करना, गंभीर चोट, लापरवाही के कारण मृत्यु, लापरवाही से गाड़ी चलाना, दहेज़ हत्या और मानव तस्करी) बिहार: 41.2 मध्य प्रदेश: 96.9छत्तीसगढ़: 76.6गुजरात: 72.8

हरियाणा: 64.8

गोवा: 61.7

राजस्थान: 48.5

महाराष्ट्र: 48.0

  भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत सम्पत्ति‍ सम्बंधी कुल अपराध की दर

 

(डकैती + डकैती की तैयारी, आपराधिक अतिचार या अतिक्रमण/ सेंधमारी और चोरी)

बिहार: 29.2 हरियाणा: 105.0गोवा: 81.4महाराष्ट्र: 71.5

मध्य प्रदेश: 57.4

राजस्थान: 51.8

छत्तीसगढ़: 38.7

गुजरात: 33.0

महिलाओं के विरुद्ध किए गए कुल अपराध की दर (बलात्कार, हिरासत में बलात्कार, बलात्कार की कोशिश, अपहरण और फ़िरौती के लिए अगवा करना, दहेज़ हत्या, मारपीट, परेशान करना, पीछा करना, ज़बर्दस्ती करना, अश्लील ताक झाँक, शील के लिए अपमान, पति द्वारा प्रताड़ना, उठा लाना (importation), आत्महत्या के लिए उकसाना, और अनैतिक मानव तस्करी प्रतिषेध अधि‍नियम) बिहार: 31.3 राजस्थान: 91.4 मध्य प्रदेश: 79.0हरियाणा: 73.0गोवा: 53.9

छत्तीसगढ़: 49.6

महाराष्ट्र: 47.6

गुजरात: 37.2

झारखंड: 37.4

बच्चों के विरुद्ध कुल अपराध की दर(हत्या, शिशु हत्या, बलात्कार, मारपीट, अपहरण और अगवा करना, भ्रूण हत्या, छोड़ना और परित्याग करना, वेश्यावृति के लिए ख़रीदना और बेचना, उठा लाना, बाल श्रम, मानव अंग प्रत्यर्पण अधिनियम, अनैतिक और अन्य अपराध) बिहार: 5.0 गोवा: 63.5मध्य प्रदेश: 50.2छत्तीसगढ़: 43.4

हरियाणा: 27.4

महाराष्ट्र: 21.4

गुजरात: 15.6

राजस्थान: 13.6

अपहरण और अगवा करने की दर बिहार: 6.4 हरियाणा: 11.5मध्य प्रदेश: 10.3राजस्थान: 8.0

छत्तीसगढ़: 7.9

गोवा: 7.9

हत्या की दर बिहार: 3.3 झारखंड: 5.0छत्तीसगढ़: 3.9हरियाणा: 4.1
पर्यावरण संबंधित कुल अपराध की घटनाएँ (व न अधिनियम 1927, वन्य जीवन संरक्षण क़ानून 1972, पर्यावरण संरक्षण क़ानून 1986,  जल अधिनियम 1974, वायु अधिनियम 1981, परमाणु ऊर्जा 1962, सामुद्रि‍क अधि‍नियम 1981, 2002 का उल्लंघन) बिहार: 30 राजस्थान: 2927.0गुजरात: 40.0महाराष्ट्र: 137.0

झारखंड: 148.0

भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत कुल आर्थिक अपराध की दर (अपराधिक रूप से विश्वास तोड़ना, ठगना, जाल साज़ी करना, फर्जीवाड़ा) बिहार: 7.5 राजस्थान: 36.8गोवा: 19.0हरियाणा: 12.7

महाराष्ट्र: 11.4

झारखंड: 9.1

* दर: एक लाख आबादी पर कुल अपराध की घटनाएँ.

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